उत्तराखंड के मैदानी और निचले पर्वतीय इलाके भी इस साल भीषण हीटवेव की चपेट में
उत्तराखंड के मैदानी और निचले पर्वतीय इलाके भी इस साल भीषण हीटवेव (लू) की चपेट में रहे हैं. देश के अन्य हिस्सों की तरह ही यहां भी मई के महीने में गर्मी ने पिछले कई रिकॉर्ड तोड़ दिए.
इस जानकारी को मुख्य विवरणों के साथ पैराग्राफ में इस तरह जोड़ा जा सकता है:
उत्तराखंड में हीटवेव का प्रभाव
- तापमान 40 पार: देहरादून, हरिद्वार, और ऊधमसिंह नगर जैसे मैदानी जिलों में पारा 40 से 42 डिग्री सेल्सियस के पार दर्ज किया गया. [1, 2, 3]
- पहाड़ों में भी तपिश: आमतौर पर ठंडे रहने वाले पहाड़ी जिलों जैसे नैनीताल, पौड़ी, और उत्तरकाशी के निचले इलाकों में भी भीषण गर्मी और लू (हीटवेव) का येलो और रेड अलर्ट जारी करना पड़ा.
- प्रशासनिक सतर्कता: चिलचिलाती धूप को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने अस्पतालों को अलर्ट पर रखा. स्कूलों के समय में बदलाव किए गए और लोगों को दोपहर 11 से शाम 4 बजे के बीच घर से बाहर न निकलने की सलाह दी गई.
- जल संकट और बिजली कटौती: बढ़ती गर्मी के कारण पहाड़ों और मैदानों दोनों क्षेत्रों में पीने के पानी के स्रोत सूखने लगे और बिजली की रिकॉर्ड मांग से अघोषित कटौती का सामना करना पड़ा.
