उत्तराखंड में महंगाई का झटका: पेट्रोल-डीजल के दामों में भारी बढ़ोतरी

0

अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में लगातार हो रहे उतार-चढ़ाव का असर अब घरेलू बाजार पर साफ दिखने लगा है। उत्तराखंड के उपभोक्ताओं के लिए मई का यह हफ्ता महंगाई का एक बड़ा झटका लेकर आया है। राज्य में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में ₹3 प्रति लीटर की सीधी बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिसने आम आदमी से लेकर व्यापारियों तक की चिंता बढ़ा दी है।

​पहाड़ी और मैदानी क्षेत्रों में ईंधन की नई दरें लागू होने के बाद राजधानी देहरादून से लेकर सीमांत जिलों तक बजट बिगड़ गया है।

​जिलों में ईंधन की नई कीमतें

​उत्तराखंड के अलग-अलग भौगोलिक क्षेत्रों में परिवहन लागत (Freight Charges) के कारण कीमतों में थोड़ा अंतर देखा जा रहा है:

  • राजधानी देहरादून: देहरादून में नई दरें लागू होने के बाद अब पेट्रोल ₹96.23 प्रति लीटर और डीजल ₹91.35 प्रति लीटर के स्तर पर पहुंच गया है।
  • चमोली (पर्वतीय क्षेत्र): ऊंचाई पर स्थित चमोली जिले में परिवहन खर्च बढ़ने के कारण पेट्रोल की कीमत ₹97.65 प्रति लीटर हो गई है।
  • अल्मोड़ा: कुमाऊं मंडल के अल्मोड़ा जिले में ईंधन के दाम सबसे ऊंचे स्तर पर हैं, जहां पेट्रोल ₹97.91 प्रति लीटर पर बिक रहा है।

​चारधाम यात्रा और आम बजट पर सीधा असर

​ईंधन की कीमतों में हुई इस अचानक वृद्धि का चौतरफा असर देखने को मिलेगा:

  1. तीर्थयात्रियों पर अतिरिक्त बोझ: वर्तमान में राज्य में प्रसिद्ध चारधाम यात्रा अपने चरम पर है। देश-दुनिया से अपनी गाड़ियों और टैक्सियों के माध्यम से आ रहे लाखों श्रद्धालुओं के यात्रा बजट पर इसका सीधा और नकारात्मक असर पड़ेगा।
  2. मालभाड़ा और महंगाई: डीजल के दाम बढ़ने से मैदानी इलाकों से पहाड़ों पर होने वाली आवश्यक वस्तुओं (जैसे राशन, फल, सब्जियां और दवाइयां) की सप्लाई महंगी हो जाएगी, जिससे आने वाले दिनों में खुदरा महंगाई बढ़ना तय है।
  3. स्थानीय परिवहन: स्थानीय टैक्सी, बस और ऑटो ऑपरेटरों ने भी अब किराए में बढ़ोतरी के संकेत देने शुरू कर दिए हैं, जिससे दैनिक यात्रियों की जेब ढीली होगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *