स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज में तनाव जारी
स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज (Strait of Hormuz) में जारी तनाव अब एक गंभीर सैन्य संकट में बदल गया है। 19-20 अप्रैल 2026 की रिपोर्टों के अनुसार, ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) और अमेरिकी नौसेना के बीच टकराव ने वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और समुद्री सुरक्षा को खतरे में डाल दिया है।
मुख्य घटनाक्रम
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अमेरिकी नाकाबंदी और ईरान की प्रतिक्रिया: अमेरिका द्वारा ईरानी बंदरगाहों की नाकाबंदी (Blockade) किए जाने के जवाब में ईरान ने स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज को पूरी तरह से बंद करने का ऐलान कर दिया है। IRGC ने चेतावनी जारी की है कि जब तक अमेरिका प्रतिबंध नहीं हटाता, किसी भी देश के जहाज को यहाँ से गुजरने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
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भारतीय जहाजों पर फायरिंग और ऑडियो संदेश: सोशल मीडिया पर एक तनावपूर्ण ऑडियो क्लिप वायरल हुई है, जिसमें भारतीय टैंकर ‘सनमार हेराल्ड’ (Sanmar Herald) के कैप्टन को IRGC से मिन्नतें करते सुना जा सकता है। कैप्टन कह रहे हैं, “आपने हमें जाने की क्लीयरेंस दी थी, लेकिन अब आप फायरिंग कर रहे हैं! हमें वापस मुड़ने दें!” शनिवार को दो भारतीय जहाजों को फायरिंग के बाद वापस लौटने पर मजबूर होना पड़ा।
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‘देश गरिमा’ की सुरक्षित निकासी: इस तनाव के बीच, भारतीय तेल टैंकर ‘देश गरिमा’ (Desh Garima) सुरक्षित रूप से जलडमरूमध्य को पार करने में सफल रहा। 31 भारतीय चालक दल के सदस्यों वाला यह जहाज अब मुंबई की ओर बढ़ रहा है।
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अमेरिकी कार्रवाई: ईरानी जहाज ‘तौस्का’ जब्त: अमेरिका ने उत्तरी अरब सागर में ईरानी मालवाहक जहाज ‘तौस्का’ (M/V Touska) को घेरकर जब्त कर लिया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के अनुसार, USS स्प्रुअंस (USS Spruance) ने जहाज के इंजन रूम पर हमला कर उसे रोक दिया। अमेरिका का दावा है कि यह जहाज नाकाबंदी का उल्लंघन कर रहा था।
भारत पर प्रभाव
भारत ने इस घटना पर कड़ा विरोध दर्ज कराते हुए ईरानी राजदूत को तलब किया है। चूंकि भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों का एक बड़ा हिस्सा इसी मार्ग से आयात करता है, इसलिए यहाँ बढ़ता तनाव कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल ला सकता है, जिससे भारत में पेट्रोल-डीजल के दाम प्रभावित होने की आशंका है।
