उत्तराखंड वनाग्नि: शासन की सख्ती और नई रणनीति
उत्तराखंड के जंगलों में लगी आग ने सोमवार, 11 मई को विकराल रूप धारण कर लिया। गढ़वाल से लेकर कुमाऊं तक के जिलों में वनाग्नि की घटनाएं तेजी से बढ़ी हैं। राज्य सरकार ने इस स्थिति को देखते हुए मुख्य सचिव स्तर पर एक उच्च स्तरीय बैठक बुलाई।
प्रशासन ने वन विभाग के सभी अधिकारियों की छुट्टियां रद्द कर दी हैं और फील्ड स्टाफ को 24 घंटे अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए गए हैं। पिछले 24 घंटों में राज्य में वनाग्नि के 40 से अधिक नए मामले दर्ज किए गए, जिससे वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) में भी गिरावट देखी गई है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई जानबूझकर जंगल में आग लगाता पाया गया, तो उस पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। स्थानीय ग्रामीणों को वनाग्नि प्रबंधन से जोड़ने के लिए ‘वन प्रहरी’ योजना को और मजबूत करने पर जोर दिया गया है। हेलीकॉप्टर के जरिए पानी छिड़काव की संभावनाओं पर भी विचार किया जा रहा है, विशेषकर उन क्षेत्रों में जहां मानवीय पहुंच कठिन है।
