उत्तराखंड: पर्यटन का महाकुंभ—मसूरी और नैनीताल में पर्यटकों की भारी भीड़

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पर्यटन सीजन का चरम:

मई महीने के दूसरे शनिवार को उत्तराखंड के प्रमुख हिल स्टेशनों—मसूरी और नैनीताल—में पर्यटकों का ऐसा सैलाब उमड़ा कि प्रशासन के सारे इंतजाम छोटे पड़ गए। मैदानी इलाकों में पड़ रही भीषण गर्मी से राहत पाने के लिए दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और उत्तर प्रदेश से हजारों की संख्या में पर्यटक ‘पहाड़ों की रानी’ मसूरी और ‘झीलों की नगरी’ नैनीताल पहुंचे। पर्यटन विभाग के आंकड़ों के अनुसार, इस एक दिन में पर्यटकों की संख्या ने पिछले पांच वर्षों के रिकॉर्ड तोड़ दिए।

ट्रैफिक और होटल प्रबंधन:

बढ़ती भीड़ के कारण नैनीताल के माल रोड और मसूरी के लाइब्रेरी चौक पर भारी जाम की स्थिति पैदा हो गई। पुलिस प्रशासन को स्थिति नियंत्रित करने के लिए तत्काल ‘वन-वे’ ट्रैफिक प्लान लागू करना पड़ा। कई पर्यटक वाहनों को शहर के बाहर ही बनी पार्किंग में रोक दिया गया और वहां से शटल सेवा शुरू की गई। होटलों की स्थिति यह रही कि 9 मई की दोपहर तक शहर के लगभग सभी होटलों, गेस्ट हाउसों और होमस्टे में ऑक्यूपेंसी 100% तक पहुंच गई। बिना बुकिंग के पहुंचे पर्यटकों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।

अर्थव्यवस्था और चुनौतियां:

पर्यटकों की इस भारी आमद से स्थानीय व्यवसायियों, होटल मालिकों, टैक्सी ऑपरेटरों और गाइडों के चेहरे खिले हुए हैं। दो साल के उतार-चढ़ाव के बाद पर्यटन उद्योग में आई यह चमक राज्य की जीडीपी के लिए संजीवनी साबित हो रही है। हालांकि, भारी भीड़ के कारण कूड़े के निस्तारण और पानी की खपत जैसी नागरिक चुनौतियां भी सामने आई हैं। नगर पालिका और स्थानीय प्रशासन ने पर्यटकों से अपील की है कि वे पर्यावरण का ध्यान रखें और प्लास्टिक का उपयोग न करें। अगले 24 घंटों के लिए भी पुलिस को हाई अलर्ट पर रखा गया है।

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