मौसम का डबल अलर्ट: गर्मी और बारिश
उत्तराखंड में इस समय मौसम के दो चरम छोर देखने को मिल रहे हैं, जिसे विशेषज्ञों ने ‘डबल वेदर अलर्ट’ का नाम दिया है। एक तरफ राज्य के मैदानी इलाके भीषण गर्मी की तपिश झेल रहे हैं, वहीं दूसरी ओर पर्वतीय क्षेत्रों में प्री-मानसून की सक्रियता ने ठंडक बढ़ा दी है।
मैदानी इलाकों में ‘लू’ का प्रकोप
देहरादून, हरिद्वार, रुड़की और ऊधमसिंह नगर में पारा तेजी से चढ़ा है। कई शहरों में तापमान 40°C से 42°C के बीच रिकॉर्ड किया गया है, जो सामान्य से 4-5 डिग्री अधिक है। मौसम विभाग (IMD) ने इन क्षेत्रों के लिए ‘येलो अलर्ट’ जारी किया है। दोपहर के समय गर्म हवाओं (Heatwave) के कारण सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहता है। डॉक्टरों ने सलाह दी है कि लोग दोपहर 12 से 4 बजे के बीच घर से बाहर निकलने से बचें और हाइड्रेटेड रहें।
पहाड़ों में बारिश और ओलावृष्टि का अलर्ट
इसके बिल्कुल विपरीत, उच्च हिमालयी जिलों जैसे उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग और पिथौरागढ़ में मौसम ने करवट बदली है। पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के सक्रिय होने के कारण इन जिलों में हल्की से मध्यम बारिश और गर्जना के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है। 3500 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हल्की बर्फबारी भी देखी जा सकती है।
चारधाम यात्रियों के लिए विशेष चेतावनी
मौसम का यह विरोधाभास चारधाम यात्रा पर आए श्रद्धालुओं के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकता है। ऋषिकेश और हरिद्वार में यात्री गर्मी से परेशान हैं, लेकिन जैसे ही वे केदारनाथ या बद्रीनाथ की ओर बढ़ते हैं, उन्हें अचानक गिरते तापमान और बारिश का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन ने तीर्थयात्रियों से अपील की है कि वे अपने साथ रेनकोट और गर्म कपड़े जरूर रखें, क्योंकि पहाड़ों पर मौसम किसी भी पल बदल सकता है।
यह अनूठा मौसम न केवल जनजीवन को प्रभावित कर रहा है, बल्कि कृषि के लिए भी मिला-जुला असर लेकर आया है—जहाँ मैदानी फसलें गर्मी से झुलस रही हैं, वहीं पहाड़ों में बारिश सेब के बागानों के लिए राहत बनकर आई है।
