गीता प्रेस के क्यों कायल हुए देश के गृह मंत्री, करी U-turn की बात

0

उत्तराखंड दौरे पर पहुंचे केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह गीता भवन में आयोजित ‘कल्याण’ कार्यक्रम में शामिल हुए। इस दौरान गीता प्रेस की ओर से ‘कल्याण’ मासिक पत्रिका का विमोचन भी किया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अमित शाह ने कहा कि शताब्दी वर्ष के अवसर पर गीता प्रेस में आमंत्रित किया जाना उनके लिए सौभाग्य की बात है। उन्होंने बताया कि गीता प्रेस की स्थापना वर्ष 1923 में हुई थी और 1926 में इसका पहला प्रशासन शुरू हुआ था। आज संस्था के 100 वर्ष पूरे होना एक ऐतिहासिक उपलब्धि है।
अमित शाह ने कहा कि वर्ष 1950 में जवाहरलाल नेहरू देश के प्रधानमंत्री बने थे और उस समय एक विशेष विचारधारा और संस्कृति को बढ़ावा दिया गया, लेकिन आज गीता प्रेस के शताब्दी वर्ष का गौरव वर्तमान सरकार को प्राप्त हुआ है। उन्होंने कहा कि सरकार ने आतंकवाद के खिलाफ कड़े कदम उठाए हैं और कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाकर ऐतिहासिक निर्णय लिया है, इसे ही सही मायनों में ‘यू-टर्न’ कहा जा सकता है।
उन्होंने गीता प्रेस द्वारा अत्यंत कम मूल्य पर धार्मिक और आध्यात्मिक पुस्तकें उपलब्ध कराने के लिए आभार जताया और कहा कि ऐसा कोई दूसरा प्रकाशन संस्थान नहीं है जो इतनी कम कीमत पर पुस्तकें लोगों तक पहुंचाता हो। अमित शाह ने यह भी कहा कि गीता प्रेस विज्ञापन नहीं लेता और ‘कल्याण’ देश की पहली ऐसी पत्रिका है जो बिना किसी विज्ञापन के संचालित हो रही है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *