औली में नेशनल स्कीइंग चैम्पियनशिप के बाद सफाई अभियान
नेशनल स्कीइंग चैम्पियनशिप के सफल आयोजन के बाद औली में बड़े पैमाने पर स्वच्छता अभियान चलाया गया। प्रतियोगिता के दौरान बड़ी संख्या में पर्यटक और खिलाड़ी औली पहुँचे थे। आयोजन समाप्त होने के बाद यहाँ प्लास्टिक बोतलें, फूड पैकेट, डिस्पोज़ेबल प्लेट-गिलास और अन्य कचरे के ढेर दिखाई देने लगे। प्रशासन और स्थानीय स्वयंसेवी संगठनों के संयुक्त सर्वे में लगभग 13 क्विंटल प्लास्टिक कचरा एकत्र होने की पुष्टि हुई।
इस स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन, नगर पंचायत और स्थानीय युवाओं ने मिलकर विशेष सफाई अभियान शुरू किया। सुबह-सुबह स्वयंसेवकों की टीमों ने ट्रैकिंग रूट, पार्किंग क्षेत्र, व्यू-पॉइंट और स्कीइंग स्लोप के आसपास फैले कचरे को इकट्ठा किया। एकत्रित प्लास्टिक को अलग-अलग श्रेणियों में छांटकर रीसाइक्लिंग के लिए भेजा गया, जबकि अन्य कचरे का सुरक्षित निस्तारण किया गया। प्रशासन ने यह भी सुनिश्चित किया कि कचरा खुले में न फेंका जाए और अस्थायी डस्टबिन की संख्या बढ़ाई जाए।
स्थानीय लोगों का कहना है कि औली जैसे संवेदनशील हिमालयी पर्यटन स्थल पर प्लास्टिक प्रदूषण पर्यावरण और जैव-विविधता के लिए गंभीर खतरा है। इससे न केवल प्राकृतिक सौंदर्य प्रभावित होता है, बल्कि वन्यजीवों और जल स्रोतों पर भी प्रतिकूल असर पड़ता है। अधिकारियों ने भविष्य के आयोजनों में “नो-प्लास्टिक ज़ोन” लागू करने, पर्यटकों के लिए जागरूकता अभियान चलाने और जुर्माने के नियम सख्ती से लागू करने की बात कही। यह अभियान पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक सकारात्मक कदम माना जा रहा है।
