बंगाल के रण में ‘धाकड़ धामी’: विकास और राष्ट्रवाद की गूंज
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री और भारतीय जनता पार्टी के फायरब्रांड नेता पुष्कर सिंह धामी 21 अप्रैल को पश्चिम बंगाल के चुनावी रण में हुंकार भरेंगे। मुख्यमंत्री धामी उत्तर बंगाल और कोलकाता के आसपास के प्रमुख निर्वाचन क्षेत्रों में धुआंधार रैलियां और रोड शो करेंगे।
बंगाल में ‘उत्तराखंड मॉडल’ की चर्चा
माना जा रहा है कि सीएम धामी अपने भाषणों में उत्तराखंड में लागू किए गए समान नागरिक संहिता (UCC) और कड़े धर्मांतरण विरोधी कानून का जिक्र करेंगे। बंगाल के मतदाताओं के बीच ‘नेशन फर्स्ट’ की नीति और भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की उनकी छवि को भाजपा एक बड़े हथियार के रूप में देख रही है।
युवा जोश और विकास का संगम
पुष्कर सिंह धामी को बीजेपी के सबसे युवा मुख्यमंत्रियों में गिना जाता है। बंगाल की रैलियों में वे विशेष रूप से युवाओं और प्रवासी श्रमिकों को संबोधित करेंगे। वे यह संदेश देंगे कि जिस तरह उत्तराखंड में ‘डबल इंजन’ की सरकार ने बुनियादी ढांचे और धार्मिक पर्यटन (चारधाम प्रोजेक्ट) का कायाकल्प किया है, वही मॉडल बंगाल की तरक्की के लिए भी जरूरी है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि सीएम धामी की सादगी और उनके द्वारा लिए गए साहसिक फैसले (जैसे नकल विरोधी कानून) बंगाल के उन मतदाताओं को प्रभावित कर सकते हैं जो शासन में बदलाव और पारदर्शिता की उम्मीद कर रहे हैं।
नारा जो गूंजेगा:
“देवभूमि का आशीर्वाद, बंगाल में परिवर्तन की नई राह।” मुख्यमंत्री का यह दौरा बंगाल चुनाव के इस चरण में भाजपा के पक्ष में माहौल बनाने के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
