आजादी के 78 साल बाद भी सड़क नहीं
खरसांई ग्राम पंचायत द्वारा सकंड गांव के लिए किये गये आन्दोलन व धरना प्रदर्शन के बाद लोक निर्माण विभाग द्वारा सकंड गांव की वर्षों पुरानी मोटर मार्ग की मांग पर एक बार पुनः सर्वेक्षण का कार्य शुरू कर दिया है। जबकि इससे पूर्व भी दो बार सकंड गांव के लिए मोटर मार्ग निर्माण हेतु सर्वे किया गया है। तथा जनप्रतिनिधियों द्वारा भी बार बार ग्रामवासियों को सड़क सुविधा उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया गया था।
दरअसल आजादी के 78 साल बीत जाने के वाद भी विकास खंड कर्णप्रयाग के सकंड को यातायात सुविधा नसीब नहीं हो पाई है। मोटर मार्ग की मांग को लेकर ग्रामीण कई बार चुनावों का बहिष्कार करने के साथ ही आंदोलन कर चुके हैं लेकिन उनके नसीब में आस्वासन के अलावा कुछ भी हासिल नहीं हुआ है। इस बार सड़क की मांग को लेकर ग्रामीणों के साथ आस पास के गांवों के लोगों के समर्थन से 5 जनवरी को कर्णप्रयाग तहसील में जुलूस प्रदर्शन के साथ ही धरना दिया गया। आंदोलन ज्यादा दिन न चले क्षेत्रीय विधायक अनिल नौटियाल ने बिना समय गंवाए आंदोलन को अपना समर्थन देते हुए लगे हाथों अधिकारियों को फोनकर एक सप्ताह के भीतर मोटर मार्ग के लिए सर्वेक्षण का कार्य शुरू करने को कहा था। इसी का नतीजा है कि ग्राम प्रधान शिवानी चौधरी,महिला मंगल दल अध्यक्ष हिमांती देवी, मोहित चौधरी, हार्दिक बिष्ट,पुष्पा देवी, देवराज सिंह, पंकज देवली, महेंद्र सिंह, महेंद्र बिष्ट, अमित बिष्ट,गौरव बिष्ट, रघुबीर बिष्ट,कुंवर सिंह, शिवानी चौधरी आदि ग्रामीणों के नेतृत्व में लोक निर्माण विभाग के अवर अभियंता नरेन्द्र कुमार, हरेंद्र रावत,विकेंद्र रावत, प्रवीन रावत आदि ने सर्वेक्षण का कार्य शुरू कर दिया है.ग्रामीणों का कहना है मोटर मार्ग के लिए यह तीसरी बार सर्वेक्षण हो रहा है।
